जिस scheme को MP सरकार ने गरीब और असहाय बहनों के लिए बनाया था — उसी scheme का फायदा वो महिलाएं उठा रही थीं जो हर महीने सरकारी salary ले रही हैं। बात सुनने में shocking लगती है, लेकिन यही हुआ। MP Ladli Behna Yojana में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसने पूरे system पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Madhya Pradesh में 27 ऐसी महिला सरकारी कर्मचारी पकड़ी गई हैं जो treasury से regular salary लेने के बावजूद हर महीने Ladli Behna की राशि भी अपने account में डलवा रही थीं। और यह सब तब तक चलता रहा जब तक data matching ने इनकी पोल नहीं खोल दी।
MP सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय विवाहित महिलाओं को financial support देने के लिए की थी। इसके तहत पात्र महिलाओं के bank account में हर महीने सीधे पैसे transfer किए जाते हैं। यह राशि पहले ₹1,250 थी जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह कर दिया गया।
Scheme का मकसद बिल्कुल साफ था — जो महिलाएं खुद कमाने में capable नहीं हैं, उन्हें monthly income का एक छोटा सा सहारा मिले। लेकिन जब capable और employed महिलाएं भी इस line में खड़ी हो जाएं, तो असली जरूरतमंदों का हक मारा जाता है। यही हुआ यहाँ।
कैसे हुआ पर्दाफाश? Samagra ID ने खोली पोल
यह मामला तब सामने आया जब अधिकारियों ने Treasury payment का मिलान Samagra ID से करना शुरू किया। जैसे ही government के payment records को Ladli Behna beneficiary list से match किया गया — 27 नाम ऐसे निकले जो दोनों lists में थे।
शुरुआती tracking में 16 महिलाएं directly पकड़ में आईं जो government service में होते हुए भी scheme का benefit ले रही थीं। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और कुल 27 संदिग्ध खाते identify किए गए।
यह system कितना simple था और फिर भी इतने समय तक चलता रहा — यही सबसे बड़ा सवाल है।
₹5 लाख से ज्यादा की रकम — गरीब बहनों के हक पर डाका
इन 27 सरकारी कर्मचारी महिलाओं ने मिलकर कुल ₹5,05,450 की रकम MP Ladli Behna Yojana के through अपने accounts में illegally प्राप्त कर ली। यह वो पैसा है जो असल में उन महिलाओं तक पहुँचना चाहिए था जिनके पास कोई income source नहीं है।
सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि इनमें से एक महिला ने Sambal Yojana का भी लाभ उठाया, जो कि unorganized sector के गरीब मजदूरों के लिए बनाई गई है। एक अन्य महिला ने Sambal Yojana के लिए apply भी किया था।
किन महिलाओं के नाम आए सामने? (List)
| महिला कर्मचारी का नाम | प्राप्त राशि (₹) |
|---|---|
| विजेता अग्रवाल | 24,500 |
| भागीरथी देवी | 33,500 |
| सुशीला शुक्ला | 33,500 |
| नीलू वर्मा | 34,750 |
| अभिलाषा रजक | 33,500 |
| सुषमा रजक | 34,750 |
| आशा वर्मा | 13,000 + 20,500 |
| आरती वर्मा | 28,250 |
| पुष्पा देवी कोरी | 34,750 |
| सुमन रमावत | 17,950 |
| अमृता शुक्ला | 23,250 |
| रश्मि कुशवाहा | 26,250 + 8,000 |
| प्रगिता सुमन चौधरी | 34,750 |
| प्रियंका श्रीवास्तव | 34,750 |
| सीमा उर्मलिया | 34,750 |
| शिवकांति शुक्ला | 34,750 |
MP Ladli Behna Yojana की Eligibility क्या है? (जो इन्होंने तोड़ी)
इस scheme में apply करने के लिए कुछ strict conditions हैं जिन्हें इन महिलाओं ने जानबूझकर hide किया:
| पात्रता की शर्त | विवरण |
|---|---|
| आयु सीमा | 21 से 60 वर्ष के बीच |
| निवास | MP की स्थायी निवासी |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त |
| परिवार की वार्षिक आय | ₹2.5 लाख से कम |
| आयकर | परिवार का कोई भी सदस्य income tax न भरता हो |
| कृषि भूमि | 5 एकड़ से कम |
| सरकारी नौकरी | कोई भी government employee eligible नहीं |
साफ है — सरकारी नौकरी वाली कोई भी महिला इस scheme के लिए eligible नहीं है। फिर भी इन्होंने self-declaration में गलत जानकारी देकर OTP generate करवाई और registration complete कर लिया।
DPO ने क्या कहा? — “जांच जारी है”
महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि 27 accounts suspicious हैं और जांच शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि Ladli Behna के forms Samagra-based और self-declaration पर depend थे।
उनका कहना है कि हो सकता है कुछ महिलाओं को 2023 के बाद government job मिली हो और उन्होंने अपना registration cancel नहीं करवाया। लेकिन यह excuse कितना valid है — यह detailed जांच के बाद ही पता चलेगा।
सभी 27 संदिग्ध महिलाओं के Samagra ID, bank details और पात्रता से जुड़े records संबंधित नगरीय निकायों से मंगवाए गए हैं।
आगे क्या होगा? — ब्याज समेत वसूली की तैयारी
जांच पूरी होने के बाद इन महिलाओं को अब तक मिली पूरी रकम ब्याज समेत वापस करनी पड़ सकती है। इसके अलावा departmental action और legal कार्रवाई की भी संभावना है।
यह case एक बड़ा wake-up call है — सिर्फ MP Ladli Behna Yojana के लिए नहीं, बल्कि देश की हर welfare scheme के लिए। जब तक real-time data matching और strict verification नहीं होगी, ऐसे frauds होते रहेंगे और असली जरूरतमंद लोग system के बाहर रहेंगे।